सोमवार, 21 सितंबर 2020

breaking news : विधायक संगीता सिन्हा के कर कमलों से पानी टंकी का भूमि पूजन।

नलजल प्रदाय योजना के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में लोकप्रिय विधायक माननीय संगीता सिन्हा जी के कर कमलों द्वारा एक करोड़ आठ लाख रुपए की लागत से बनने वाले पानी टंकी का भूमि पूजन किया गया 


जिसमें प्रमुख रूप से जिला पंचायत सभापति ललित साहू जी, जिला पंचायत सभापति केदार देवांगन जी जनपद उपाध्यक्ष तोशन साहू जी जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री नौशाद कुरेशी जी एल्डरमैन ओंकार महमल्ला जी क्षेत्र के जनपद सदस्य गण ग्राम पंचायतों के सरपंच गण सेक्टर प्रभारी गण बूथ अध्यक्ष गण वरिष्ठ कार्यकर्ता गण सम्मानित ग्रामवासी की गरिमामई उपस्थिति में संपन्न हुआ। 

रमतरा  19.96 लाख, बोडरा  19.98, मोहारा  19.98, हसदा।   48.78, पेरपार    19.92 लाख

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Vinod Netam
Journalist



जंगल में मंगल मना रहे हैं भेंड़ चारवाहे...

बालोद : भेंड़ और ऊंट छत्तीसगढ़ के धरती पर दिखना आम बात है गुजरात के कच्छ के रण में चारा और पानी की कमी के चलते पशु पालक अक्सर अपने पशुओं को चारागाह उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ के धरा पर जगह जगह जंहा चारागाह पशुओं को मिल सके वंहा पर भेंड़ीवाले के नाम मशहूर चारवाहों की टोली बड़े बड़े ऊंटों पर अपनी दिनचर्या का सामान लादे हुए आसानी से देखा जा सकता है।

कोरोना महामारी और के चलते भारत सरकार ने 22 मार्च को लाकडाऊन की घोषणा की थी तब भी भेंड़ीवाले जिला के विभिन्न क्षेत्रों में अपने ऊंट और भेंड़ को चारा चराते हुए दिखे थे उस वक्त इन्हे जरूरी सामान व  राशन जिला प्रशासन बालोद ने मुहैया कराते हुए मानवता की मिशाल पेश की थी जिस तरह से बालोद एस डी एम सिल्ली थामस ने इन चारवाहों तक पहुंचने के लिए बिजली के खंभे से होते हुए इन्हे जरूरत के सामान मुहैया कराई थी उसे भुलाया नहीं जा सकता है। 

भेंड़ और ऊंट की विशाल सेना इन दिनों जिला के गुरूर वन मंडल परिक्षेत्र में विचरण कर जंगल में बारिस के दिनों में उगे हुए जंगली पौधों व चारा को खा रही है जो जंगल व प्रर्यावरण की मजबुत सेहत के लिए घातक साबित हो सकती है वंही वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारीयों से मिली भगत की बात खुद भेंड़ चारवाहे करते हैं यंहा तक  की भेंड़ चारवाहों के एक मुखिया का संबंध तो देश के एक बड़े से नेता से जुड़े होने की बात वन विभाग के कर्मचारी व भेंड़ चारवाहे भी करते हैं खैर किसका रिस्ता किससे है हमें यह बताने की जरूरत कतैई नहीं है हमारी सवाल जीन बिन्दुओं पर है हम सिधा उसी पर आते हुए आगे आपके मध्य रखते हैं - छत्तीसगढ़ के बड़े बुजुर्ग कह गये है, कि छेरी (भेंड़ बकरी) के चरे अऊ कचहरी के चढ़े कभ्भु नी उबरे अर्थात यदी किसी पौधे को भेंड़ और बकरी ऊपर से चट कर जाये तो उस पौधे का विकास असंभव है ठिक उसी प्रकार से जिस तरह से कोई इंसान एक बार कचहरी के दरवाजे पर चढ़ने के बाद कभी भी नहीं उबर सकता है।


Vinod Netam
journalist

अब ये कहावत कंहा तक सही है ये आपकी विवेक पर है बहरहाल गुरुर वन मंडल परिक्षेत्र के जंगल को भेंड़ीवालो के भेंड़ और ऊंट भारी नुक़सान पहुंचा रहे हैं भेंड़ीवाले जंगल के अलग अलग हिस्सों में जंगल के अंदर डेरा जमाये हुए पुरे बारीस के दिनों में रहते हैं जबकि वन विभाग के अनुमति के बिना जंगल के अंदर निवास नहीं कर सकता है वंही वन विभाग गुरूर के रेंजर शोरी के अनुसार वन विभाग गुरूर ने इन भेंड़ चारवाहों से कई बार जुर्माना लगाये जाने की बात कही है लेकिन लाखो रूपए के जुर्माने भरने के बाद भी ये चारवाहे वन परिक्षेत्र को अपना घर ही समझकर यंहा डेरा डाले हुए हैं।

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रविवार, 20 सितंबर 2020

सनौद से गुरूर मार्ग के दुकानदार कर रहे हैं शराब की अवैध बिक्री-तस्करी।

बालोद। जिला में पिछले कई दिनों से अवैध शराब तस्करी की मामले लगातार बढ़ती ही जा रही एक ओर जहां कोरोना के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा राहा है ठीक उसी तरह से अवैध शराब तस्करी कर मधु प्रेमीयो को मंहगे दामों पर बेच कर मनमाफीक मुनाफा कमाया जा रहा है। जिला के गुरूर विकासखंड क्षेत्र, जो पिछले काफी समय से सट्टा, गांजा, जुआ, अवैध शराब तस्करी का हाटस्पाट बनकर लोगो अवैध सेवा का अवसर प्रदान कर रहा है। आपको बता दें कि पूरे विकासखंड क्षेत्र में इन दिनों अवैध रूप से खुलेआम गांजा, शराब, सट्टा, जुआ कारोबार अपनी मदमस्त जवानी दिखाती हुई चरम पर है तो वहीं इसके चाहने वाले नाचीज नमुनो की भी कोई कमी नहीं है। 


सुत्रो की मानें तो गुरूर विकासखंड क्षेत्र के राजनीति की रास्ता इन दिनों इन्ही गलियों के रास्ते से होकर गुजरती है जिसके चलते आम आदमी का इन रास्तों से  गुजरना मुहाल हो गया है, वो तो गनीमत है पुलिस के जांबाज जवानों का जो देर सवेर इन रास्तों पर चलने की हिम्मत रखते हैं और अवैध कारोबार से जुड़े पाप के महानायकों को सलाखों के पीछे भेजने में हिचकिचाते नहीं है। पिछले दिनों जिला के एक दमदार युवा नेता ने इन गलियों में छान मारकर कार्यवाही करने वाले जांबाज तक को नौकरी खा जाने की धमकी दे डाली है, फिर भी बालोद पुलिस के जांबाज दिन-रात एक कर कोरोना के रोकथाम से लेकर अपराध को कम करने की दिशा में काम कर रही है जिसके बाद भी कुछ घटीया किस्म के कमजोर मानसिकता के दुश्मनों ने इन गलीयो को अपना आशीयाना बनाकर लोगों को जमकर लुट रहे हैं। 



पुलिस कार्यवाही लगातार कर रही है, लेकिन इसके बाद भी इन अपराधों पर नकेल नहीं कसा जा सका है। गुरूर विकासखंड क्षेत्र के गंगोरीपार निवासी नरेंद्र निषाद जो अपने दुकान पर खुलेआम शराब का सेवन करता है और दुसरो को भी करता है वह हाईवे क्राइम टाइम के संवाददाता विनोद नेताम से फोन पर बात करते हुए प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहु के दुघेरा गृहग्राम बासीन में अवैध सट्टा संचालित करने के संबंध में बात कही है। नरेंद्र निषाद ने जिला के वरिष्ठ प्रत्रकार के नागे को भी इस बात की जानकारी है।
Vinod Netam
यह बात भी नरेंद्र निषाद ने कहा है सोंचने वाली बात है कि जब इनको इस तरह के अवैध कारोबार संचालित करने की खबर है तो ऐसे लोग पुलिस प्रसाशन के पास जाकर शिकायत दर्ज कराने के बजाय अपनी मोबाइल को हमारे मोबाइल के घंटियों में जोड़कर अवैध सट्टा कारोबार पर रोक लगाने की मांग करते हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ तथाकथित पत्रकारों के सहायता से नरेंद्र निषाद सट्टा-पट्टी लिखने की फिराक में बाट जोहे बैठा हुआ है।

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सोमवार, 7 सितंबर 2020

कुख्यात लकड़ी तस्कर पन्नु साहू के आतंक के चलते आक्रोश में पूरा गांव

बालोद। जिला में गरीब असहायों पर जुल्म करने के शौक रखने वाले पन्नु साहू की दादागिरी निरंतर जारी है। हरे-भरे पेड़ों के कुख्यात दुश्मन नंबर वन पन्नू अब जीते-जागते इंसान तक को मारने और काटने पर उतारू है। वहीं दादागिरी का शौक के साथ पुलिस और कानून को अपने जेब में रखने का दम भरते हुए गांव में खुलेआम लोगों को धमकी और चुनौती देता है कि मेरा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता है, जिसे भी किसी प्रकार से शक हो तो अजमा सकता है

ज्ञात हो की कुख्यात लकड़ी तस्कर अपने अवैध कारोबार की काली कमाई के पैसों के दम पर अपने आप को बाहुबली साबित करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है इसकी बानगी बीते दिनों देखने को मिली है। कोसागोंदी निवासी गरीब मजदूर रुपेश कुमार निर्मलकर को पन्नू साहू ने महज इसलिए मारकर उसकी तीन पस्लियां तोड़ डाली क्योंकि रुपेश कुमार निर्मलकर ने पनन्नु साहू के सामने खांस दिया ! आपको बता दें कि, पन्नु साहू ने पहले भी रुपेश कुमार निर्मलकर पर प्राण घातक हमला कर उसके मुंह से दांत और जबड़ा तक उखाड़ दिया था, जिसके बाद भी पन्नु साहू का मन नहीं भरा तो इस बार उसके तीन पसलियां तोड़ डाली। रुपेश कुमार निर्मलकर बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं; जबकि पन्नू साहू सभी रुप से सक्षम है और पैसों की किसी भी प्रकार से कोई कमी नहीं है। अपनी ऊंची पकड़ और ताकत के दम पर पन्नू साहू ने रुपेश कुमार निर्मलकर के ऊपर झुठा रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजने तक की साज़िश रच डाली। वहीं कोसागोंदी में ग्रामीण बैठक कर रुपेश कुमार निर्मलकर के इलाज के खर्च वहन करने के साथ रुपेश कुमार निर्मलकर ने उसके साथ कोई मारपीट नहीं की है यह बात भी स्वीकारी है लेकिन रुपेश कुमार निर्मलकर के हास्पिटल से आते ही अपनी बातों से साफ मुकर गया और रुपेश कुमार निर्मलकर को न्याय के लिए भटकने के लिए छोड़ दिया है। 

रुपेश कुमार निर्मलकर

कोसागोदी के ग्रामीणों में पन्नू साहु के दादागिरी के चलते काफी आक्रोश देखी जा रही है वहीं गुरूर पुलिस के जांच अधिकारी ने अब तक रुपेश कुमार निर्मलकर के शिकायत के आधार पर पन्नू साहू के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जिसके चलते ग्रामीणों के बीच पुलिस प्रसाशन के लिए साफतौर पर नाराजगी देखी जा रही है। सुत्रो के मुताबिक तथाकथित दलालो ने जो पन्नू साहू के अवैध काली कमाई की तंदुरी रोटी का स्वाद चख चुके हैं, उनके सानिध्य में जांच अधिकारी को भी निवछावर भेंट की है अब इन बातों में कितनी सच्चाई है यह तो पन्नू ही अच्छे से बता सकता है बहरहाल रूपेश कुमार निर्मलकर के साथ कोसागोंदी के ग्रामवासी पन्नु के खुलेआम घुमने से भयभीत व परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार पन्नु साहू ने गरीब मजदूर रुपेश कुमार निर्मलकर को बगैर कारण के मार कर घायल किया है और उसके बाद में उसे झूठी शिकायत कर फर्जी तौर पर फंसाया है; जिसकी उच्चअधिकारियों से शिकायत कर गरीब को न्याय देने के लिए मांग करेंगे।
विनोद नेताम

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शनिवार, 15 अगस्त 2020

विधायक मद की सी,सी,सड़क गुणवत्ता हीन !

s n gupta 

पत्थलगांव। नगर पंचायत वार्ड क्रमांक 15 में क्षेत्रीय विधायक श्री राम पुकार जी के दौरा कार्यक्रम अंतर्गत वार्डवासियों ने सड़क निर्माण की गुहार लगाई थी।जिस पर विधायक श्री राम पुकार ने गंभीरता से लेते हुए अपनी मद की राशि से 6 लाख रुपये का लंबाई लगभग 23 सौ मीटर का सीसी सड़क की घोषणा की और कार्य एजेंसी ग्रामीण यांत्रिक सेवा जशपुर को दिया ताकि गुणवत्तापूर्ण कार्य हो सके। कार्य चालू होने से वर्षो से मांग कर रहे     वार्डवासियों के चेहरे पर खुशी की लहर भी देखी गई, पर उनकी चेहरे पर उदासी उस समय हो गई जब ठेकेदार द्वारा कार्य को एकदम गुणवत्ताहीन, बिना मापदंड का बना अपना पल्ला झाड़ना चाह रहे थे। 


जागरूक वार्डवासियों ने हो रहे निर्माण की गुणवत्ता के विषय मे सवाल उठाते हुए पत्थलगांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमति सुचिता एक्का, उपाध्यक्ष श्यामनारायण गुप्ता, भाजपा जिला उपाध्यक्ष सुनील अग्रवाल, पार्षद पुनीत राम डहरिया को फोन कर सूचना दी। सूचना मिलते ही नगर की अध्यक्ष एवम उनकी टीम ने जा कर देखा तो दंग रह गये ! उन्होंने इस प्रकार की घटिया निर्माण के बारे वहां उपस्थित ठेकेदार की मुंशी को फटकार लगाते हुए कहा कि माननीय विधायक महोदय की फंड का राशि है, और इस प्रकार की घटिया कार्य उपाध्यक्ष श्री गुप्ता ने कार्य को देख रहे इंजीनियर को तत्काल निर्माण स्थल पर बुला कार्य पर गुणवत्ता लाने को कहा। वार्डवासियों ने बताया कि इस माह की 2 तारीख को इस सड़क का ढलाई हुआ है और मुरम का टैक्टर चलने से सड़क धस गया। इस सड़क की गुणवत्ता के साथ-साथ मोटाई को जो आठ इंच मोटा होना था, वह मात्र 5 इंच ही मोटाई ढलाई कराया गया है।

क्या कहते है इंजीनियर

इंजीनियर श्री पाल ने कहा कि पूरा सड़क गुणवत्ताहीन बना है। मोटाई भी 8 इंच के जगह 5 इंच ही किया गया है। उन्होंने ठेकेदार को सड़क उखाड़ कर पुनः गुणवत्तापूर्ण बनाने को कहा

वार्ड के पार्षद कहना है :-- 

वार्ड पार्षद ज़हरी पुनीत राम ने कहा कि पत्थलगांव विधायक किसी भी प्रकार की घटिया निर्माण को बर्दाश्त नही करते इस सड़क पर जांच कराया जाएगा।

इस घटिया निर्माण की जानकारी विधायक पुत्री श्रीमति आरती सिंह, जिला पंचायत सदस्य एवम कांग्रेस महासचिव को भी दे दी गई है। उन्होंने तत्काल जाँचकर कार्यवाही कराने की बात कही। अब देखना है कि सड़क गुणवता पर कितना ध्यान दिया जाता है... 

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शुक्रवार, 7 अगस्त 2020

गांवों में हो रही मुनादी : बहु-बेटियों को तीज-पोला में लाने-ले-जाने लगी पाबन्दी...

कोरोना के चलते प्रदेश के प्रमुख त्यौहार तीजा-पोला लॉक डाउन  

प्रशासन की मौन स्वीकृति 

प्रदेश में बढ़ती कोरोना के संकट को देखते हुए लोगों ने बहन बेटियों के साथ बहुओं के मायके आने-जाने पर लगाई रोक जिसमें प्रशासनिक सहमति की बात भी कही जा रही है। प्रदेश में कोरोना के लगभग 11 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुकी है, जिसमें से एक्टीव केस की संख्या लगभग तीन हजार के करीब है।

बालोद। छत्तीसगढ़ के कई गांव में तीज पर बेटियों को न बुलाने और बहुओं को तीजा न भेजने की मुनादी शुरू हो गई है। शहरी इलाकों में कोरोना के तेजी से फैल रहे संक्रमण को लेकर गांव की पंचायतें अलर्ट हो गई है। पंचायतों ने फैसला लिया है कि; तीजा-पोला में किसी के घर बेटियों को लाया नहीं जाएगा और बहुओं को भी नहीं भेजा जाएगा। रक्षाबंधन के दिन से ही मुनादी शुरू हो गई। गांव में कोटवार गली-गली जाकर हांका लगा रहे हैं कि कोरोना को फैलने से रोकने के लिए बेटियां और बहु अपने सुसराल में ही व्रत करेंगीं। एक के बाद एक गांव में इस फैसले की खबर फैलने से पंचायतों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। रायपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, बालोद, राजनांदगांव के कई गांवों में इस बारे में फैसला लिया जा चुका है। कुछ गांवों में पड़ताल के दौरान बलौदाबाजार के ससहा गांव के धर्मेंद्र साहू ने बताया कि उनके गांव में कोरोना को देखते हुए इस बार बेटियों को तीजा पर नहीं लाने का फैसला हुआ है। पंचायत के इस फैसले पर सब सहमत हैं। बेटियों को भी गांव न बुलाने का फैसला सबने मान लिया है।


तीजा लाने वालों पर होगा जुर्माना

तीजा लाने वालों पर पंचायत जुर्माना लगाने की तैयारी कर रही है। पंचायत के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इतना ही नहीं तीजा बुलाने और भेजने वाले परिवार के लिए गांव की अन्य गतिविधियों में शामिल होने पर 6 महीने तक पाबंदी लगा दी जाएगी। कुछ गांव में ये भी मुनादी करवा दी गई है कि अगर कोई तीजा पर मायका आता-जाता है तो उसे गांव के स्कूल में 14 दिनों तक क्वारेंटाइन किया जाएगा। कोरोना टेस्ट कराने के बाद ही घर आने दिया जाएगा। उसके बाद घर पर भी क्वारेंटाइन रहना होगा।

रक्षाबंधन में नहीं जाने दिया बहनों को

बालोद और राजनांदगांव के कुछ गांव में तो रक्षाबंधन में भी बहनों को भाई के घर तक जाने नहीं दिया गया। वहां अभी से पाबंदी लगा दी गई है। राजनांदगांव के जराही गांव ऐसी ही पाबंदी है। गांव के मिथलेश साहू ने बताया कि पंचायत ने फरमान जारी किया है कि कोई दूसरे गांव नहीं जाएगा। रक्षाबंधन पर भी किसी को जाने नहीं दिया गया है।

साड़ी-फलाहार के लिए भेजें नगदी

पंचायत ने फैसला किया है कि तीजा में बेटियों के लिए साड़ी, सिंगार और फलाहार के लिए नगद रकम भेज दे। कोई यह सामान छोडऩे के लिए भी दूसरे गांव नहीं जाएंगे। चाहे उनके खाते में पैसा जमा कर दे या ऑनलाइन पेमेंट कर दें। त्योहार की रोटी-पीटा भी छोडऩे नहीं जाना है। कोरोना को रोकने के लिए लोगों को सावधानी बरतनी पड़ेगी।

गांव की एंट्री पर होगी निगरानी

कई पंचायतों ने त्योहार के मद्देनजर गांव के एंट्री वाले रास्ते पर निगरानी के लिए कोटवार और अन्य लोगों का पहरा बिठा दिया गया है। गांव में बाहर से आने वालों का नाम, पता और आने का कारण पूछा जा रहा है। कुछ गांव में बिना कारण रिश्तेदारों से मिलने आने वालों को अपील की जा रही है कि अईभी रिश्तेदारों से मिलने-जुलने का समय नहीं है। जान को जोखिम में न डालें वंही प्रदेश के गृहणीयो ने सरकारी क्रार्यक्रमो के साथ बाजारों में एवं शराब के दुकानों में शराबी खुलेआम सोशल डिस्टेंस की धज्जी उड़ाते हैं जिन पर कभी भी कोई कोटवार मुनादी नहीं करता है आखीर उनके कोरोनावायरस के लिए बनाई गई नियमों की पालन सही मायने में हो रही है।

विनोद नेताम  पत्रकार
बहरहाल प्रदेश के कई गांवों में इसी तरह की मुनादी की चलन आज की मौजुदा दौर में देखी जा रही है जो की आने वाले दिनों में तीजा के पर्व को मनाने वाली महिलाओं के लिए यादगार बन कर रह गई है।


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शनिवार, 1 अगस्त 2020

सुनील कुमार गंगबेर को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले लोगों के नामों लोगों की अटकलें बढ़ी।

बालोद। गुरूर थाना क्षेत्र में बीते दिनों गुरूर के अपने निवास में फांसी लगाकर आत्महत्या करने के बाद उसे सट्टा के दांव में लगे पैसा को लेकर दबाव बनाने वाले थाना क्षेत्र के लोग कई नामों पर अटकले लगाना शुरू कर दिए हैं जिनमें से कई नाम सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के नाम तक शामिल है। बीते दिनों सुनील कुमार गंगबेर की आत्महत्या के बाद से गुरूर व बालोद पुलिस मामले की जड़ तक जाने के लिए सुनील कुमार गंगबेर की काल डिटेल निकाल कर जांच करने की बात पहले ही कह चुकी है। 

विदित हो की बालीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या के मामले में मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस जिस तत्परता से जांच पड़ताल कर रही है लोग उसी तरह के जांच की उम्मीद लोग गुरूर पुलिस से भी कर रही है। वहीं गुरूर थाना क्षेत्र के कुछ तथाकथित कांग्रेसी नेताओं के सुर भी मामले को लेकर बिगड़े नजर आ रही है और बिगड़े भी क्यो ना लाख जतन के बाद चांऊर वाले बाबा के सिंहासन पर विराजमान होने की मौका जो आया है। जिसके सट्टा जैसी समाजिक और आर्थिक अपराध के चलते यदि विपक्ष और खुद के पार्टी के लोग सरकार से सवाल करे तो समझो गड़बड़झाला है और इस गड़बड़झाला की सत्यता को ढंकने की कवायदें कुछ लोगों ने शुरू कर दी है। 


कुर्सी की ताकत व पद को अपराध के प्रति समर्थन ना सिर्फ उस जिम्मेदारी का अपमान है जिसके चलते प्रदेश जनता जनप्रतिनिधियों को अपने सर पर बिठाते हैं, साथ ही अपने आपके लिए भी यह चिंतन का विषय है। इतनी बड़ी घटना, क्षेत्र में घट जाने के बाद भी गुरूर थाना क्षेत्र व कवंर चौकी के अंतर्गत ग्रामीण अंचलों में खुलेआम सट्टा का अवैध कारोबार दिनदहाड़े जारी है। लोगों की मानें तो पुलिस को अवैध सट्टा संचालित करने के शिकायत करने के बाद भी पुलिस उल्टा शिकायतकर्ता को खरी-खोटी सुनाने की बात कही जाती है। कवंर के पूर्व सरपंच टुकेश्वर पांडे ने कवंर चौकी अंतर्गत कवंर ग्राम में अवैध सट्टा संचालित करने की शिकायत अपने कार्यकाल के दौरान किया था, लेकिन उस वक्त के कवंर चौकी प्रभारी रहे एस आई खान ने अवैध सट्टा संचालित करने की खबरों को सिरे से नाकर दिया और कार्यवाही नहीं किया। आज उसी के परिणाम स्वरूप कवंर, पलारी, अरमरीकला, अरकार, पुरूर, बोडरा से लेकर गुरूर विकासखंड क्षेत्र में खुलेआम सट्टा-पट्टी लिखा जाता है।  साथ ही साथ इन जगहों पर खुलेआम छोटे-छोटे बच्चों के द्वारा चिलम की धुंआ बमलहरी बोलकर खुले आसमान छोड़ कर गढ़ी हुई छत्तीसगढ़ की मिशाल स्पष्ट रूप से देखा सकता है। 

विदीत हो कि; प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के लिए यह क्षेत्र उनके गृह क्षेत्र जैसा ही है जहाँ पर उनके परिवार के अन्य सदस्य आज भी निवास करते हैं और बरसों की बिसाई राजनीतिक बिसात पर आज भी राजनीति की बागडोर परिवार के सदस्य सम्हाल रहे हैं जिसके बाद भी आलम यह है कि क्षेत्र के जनता अवैध सट्टा और गांजा की लतो के वजह से अपने घरों में आए दिन गृह कलेश से परेशान हैं। वहीं क्षेत्र के जनता इन अवैध कारोबार और अवैध कारोबारियों से उब गई है और पुलिस प्रशासन के ऊपर से विश्वास में कमी देखने को मिला है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण ग्राम पंचायत अरमरीकला में देखने को मिलता है, जहाँ पर अवैध शराब पीने से लेकर बेचने वालो पर भारी भरकम जुर्माना की घोषणा कर अरमरीकला से अवैध शराब की जड़ को खत्म कर दिया है। लोग कहते हैं कि कानून (पुलिस) हाथ बहुत लंबा होता है जो समाज के अपराध को अपने लंबे हाथों में जकड़ कर कम करता है, लेकिन जब अपराध निरंतर बढ़े तो उसके बढ़ने का अंदाजा बड़े ही आसानी से लगाया जा सकता है बहरहाल बालोद पुलिस आगे आने वाले दिनों में अवैध कारोबार के सौदागरों से दो दो हाथ करेगी या फिर अवैध कारोबार निरंतर जारी रहेगी अब यह देखने के बाद ही पता चल पायेगा।

 विनोद नेताम पत्रकार 
वैसे आपके जानकारी के लिए बताते है कि गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने गुरूर थाना क्षेत्र में ही अपने बचपन के कई साल गुजारे हैं और अर्जुन हिरवानी जिस साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष है, गृहमंत्री उसी समाज से आते हैं साथ ही सुनिल कुमार गंगबेर भी साहू समाज से आते हैं लेकिन समाजिक और आर्थिक अपराध की जड़ इस क्षेत्र में काफी दिनों से फल और फुल रहा है साथ ही गुरूर पुलिस के द्वारा समय-समय में कार्यवाही की जाती रही है लेकिन सट्टे के बड़ा खाईवाल अब तक पुलिस के पकड़ से बाहर है और यूपी के विकास दूबे बनने की तैयारीयों में लगा है।

breaking news : विधायक संगीता सिन्हा के कर कमलों से पानी टंकी का भूमि पूजन।

नलजल प्रदाय योजना के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में लोकप्रिय विधायक माननीय संगीता सिन्हा जी के कर कमलों द्वारा एक करोड़ आठ लाख रुपए की लागत ...